• emotional_soul 14w

    Love You

    कितने आसान है ये दो शब्द , कि जब चाहे जिसको चाहे बोल दिए। प्यार जताने का नही रिशतो को शुरू करने का जरिया बन गए है ये, जुबान से आवाज़ में बदलते ही हंसफर बनके सफर शुरू होजाता है। एसा सफर जिसकी न कोई मंज़िल है न कोई राह।
    समझता नही इंसार की प्यार क्या है, वो एहसास ,वो अपनापन, एक दूसरे का वो साथ देना, गम आने पर हँसा देना, आँसुओं को आने से पहले ही रोक देना, अपनी मुस्कराहट से दुःख को भी ख़ुशी मे बदलना, शब्दो मे कैद करके वादों मे नही बल्कि उन्हें ज़ुबान पे लाये बिना उन्हें पूरा कर देना।
    इन शब्दों का महत्व नही जानते लोग आज। नही जानतें की जिस कुँए की गहराई मालूम न हो उसमे देखना नही चाहिए , ठीक उसी तरह शब्दों की पवित्रता जाने बगैर उन्हें जुबां पर नही लाना चाहिए।
    ©emotional_soul