• kk_joy 12w

    सन्यास

    निवृत्ति,अनासक्ति, अलगाव
    क्या यही है सन्यास का भाव

    बच्चों पत्नी को रोता छोड़ कर
    माता पिता से नाता तोड़ कर
    कहाँ पायेगा जीवन में ठहराव

    ऐसा पाप कर कैसे पुण्य कमाएगा
    कर्मयोग तज बस घूमता रह जायेगा
    छोड़ दे सारे दिशाहीन भटकाव

    जो चाहो सच्ची भक्ति भगवान की
    पहले कद्र करो रिश्तों की इंसान की
    कर्म करो रख मन सेवा भाव

    ©kk_joy