• charumadan_ 18w

    नदी

    खुद में खुदा बसाये,
    कहीं मौत तो कहीं ज़िन्दगी पनपाये;
    अस्थियों की राख खुद में बसाये,
    अंत चिन्हित कर, अपने बहाव से;
    आदि की अभिव्यक्ति कराये।
    प्रवाहिनी बन, समाप्ति का बोध कराये।

    ©charumadan_