• ansakash 5w

    हौश्ले आबाद रख ,मन्जर भी जिन्दा रख
    जो ग़रीबी से ना पढ सके उसे पढ़ान की हिम्मत रख

    कौन दुआ मे याद करता हैं खुद को
    हौश्ले आबाद रख ,मंजर भी जिन्दा रख