• adityakunwar 3w

    आज तो नीला आसमान भी अपना इश्क-ए-महफ़िल सजा रहा है,

    बादलों से भी आज अपने इश्क की ताहवीजः कर रहा है;

    कायनात की नज़ाकत तो देखो,

    आज तो ख़ुदा खुद ही यह महफ़िल सजाने तसरीफ ला रहे है।

    आदित्य कुंअर
    ©adityakunwar