• shivam_chourasiya 14w

    याद है मुझे..

    याद है ....
    हाँ !! याद है
    नंगे पाव उन घासों को सहलाना....
    नंगे पाव जमीं पे चलना
    याद है मुझे ।

    याद है मुझे......
    अकारण तिनके उठाना..
    अपलक आसमाँ देखना..
    वो, अंधेरों में जुगनूँओं के पीछे भागना
    याद है....
    हाँ ! याद है मुझे...
    अकारण उन्हें परेशां करना
    अकारण ही रूठ जाना..
    बचपन की झीलमिलाहट है अब भी,
    अब भी याद है मुझे
    याद है .....

    वो बारिश में भींगना
    अधनंगे खेलना, बौछारों से !
    गिरना,उछलना,भाग पङना
    अकारण ही हँस पङना
    दर्द भरी दास्ताँ में भी !
    याद है ।

    याद है...
    बचपन की बातें
    कुछ अधूरी यादें
    गर्मीयों की वो साँझे
    याद है ,याद है....
    वो अाधे-अधूरे ख्बावें
    याद है, याद है ..
    वो अनजाना बचपन
    याद है....
    याद है मुझे

    ©shivam_chourasiya