• mukesh_nagar 14w

    नमामि भक्त वत्सलं।कृपालु शील कोमलं॥
    भजामि ते पदांबुजं।अकामिनां स्वधामदं॥

    हे भक्तवत्सल प्रभु! हे कृपालु प्रभुु! मेरे राम प्रभु! आप अत्यंत कोमल स्वभाव वाले हैं, मैं आपको प्रणाम करता हूँ। निष्काम पुरुषों को अपना परमधाम देने वाले आपके चरण कमलों को मैं भजता हूँ॥