• littleofyou 17w

    तुम आओगे ना!!

    ना जाने तुम मुझे ढूँढ भी रही हो या नहीं,
    पर मैं तुम्हें कहना चाहता हूँ कि मैं तुम्हें मिलूँगा वही,
    उसी बेंच पर बैठा मिलूँगा तुम्हें,
    जहाँ अक्सर तुम मेरे कंधे पर अपने सिर को रखती थी,
    और मैं उन हवाओं में गुम सा तुम्हें शायरी सुनाया करता था,
    डरता हूँ मैं कि तुम आओगी भी या नहीं,
    कहीं मेरा इंतज़ार मेरी आख़िरी सास तक मुकम्मल रहे,
    तुम आओगे ना फिर से उस ही बेंच पर बैठने को,
    तुम आओगे ना फिर से मेरे कंधे पर अपने सिर रखने को,
    तुम आओगे ना फिर से वही गुज़ारिश करने को,
    तुम आओगे ना फिर से मेरी शायरी सुनने को,
    तुम आओगे ना फिर से वही इश्क़ करने को,
    बोलो तुम आओगे ना, कहो ना तुम आओगे ना।

    ©littleofyou