• ghanshyamprasadraturi 15w

    Torch ka mahattva

    टोर्च का बड़ा महत्त्व है
    जब रास्ता होता है
    बहुत दूर
    अंधेरे में
    टोर्च बहुत काम आता है.
    चरण सिंह तो बता रह था कि
    उसने टोर्च से बाघ भी भगाया
    उसकी रौशनी फेंकी थोड़े देर तक
    बाघ
    सड़क छोड़ नीचे खाई में कूद गया
    वर्ना उसको तो खा लिया था उस दिन
    किसी को दो तो वापस आने की गारंटी नहीं है
    दो चार बल्ब एक्स्ट्रा रख लेने चाहिए
    टोर्च के सेल बाद में रेडियो में चल जाते हैं
    रैना और मैं ऐसे ही खूब रेडियो सुनते थे
    टेप रिकॉर्डर भी चलाते थे
    मैनेजर साहेब वापस अपने कश्मीर भी जा पाए होंगे
    या नहीं?
    किसी इलाकाई बैंक में मैनेजर हुआ करते थे
    अक्सर अपनी दास्ताँ भी सुना देते थे
    सुन कर हम को भी दुःख होता था
    आतंकवाद के कारण क्या क्या छोड़ना पड़ा
    एक दिन कई सारे ऐसे अधिकारी एकत्रित हुए
    पता नहीं बेचारे कहाँ से पता लगा कर आये थे
    की यहां भी उनके अपने लोग हैं
    कर बहुत अच्छा लगा. लेकिन उनको आपस में मिल कर
    खुश होता देख बहुत अच्छा लगा
    उन्होंने बहुत बहुत कुर्बानी दी थी
    जान माल का हुआ था .कुछ वक़्त के लिए सरकार ने
    उनको एडजस्ट किया था
    सुना था की स्तिथि सामान्य होने पर वापस जायेंगे
    पता नहीं गए भी या नहीं?मुलाक़ात नहीं हो पायी
    काफी आरसे से ईश्वर करे जैसे भी हों अच्छे हों
    हमने कुछ वक़्त साथ बिताया
    बिना बिजली
    स्टोव जला कर
    चूल्हा जला कर .
    रेडियो सुन कर
    पुराने सेल
    जब खूब इकठ्ठे हो जाते थे
    तो रात में हिंसक जानवर की आहट होने पर
    फेंकने के काम भी आते थे
    लोग टोर्च को बहुत ढंग से रखते थे
    कई लोग तो ऐसे भी हुए
    कि जितनी उनकी उम्र थी
    उतनी ही पुराणी उनकी टोर्च थी
    टोर्च पर हाथ लगाने की अनुमति बच्चों को नहीं थी
    कई लोग तो शायद टोर्च भी नहीं खरीद पाते थे
    भीमल के केड़े लकड़ियां जला कर जाते थे
    दूर
    उनके लिए टोर्च एक सपना होती थी
    खैर आज भी आप जहां भी हों
    अगर जरूरत हो तो रात में टोर्च जरूर साथ में रखें
    बहुत काम आएगी.
    कितना जगमग हुआ है
    अब तो कई प्रकार की टोर्च हैं .
    अब पेट्रोमैक्स लेकर कौन चलता है?
    और पंच लाइट कहानी भी कौन पढता है .
    ©ghanshyamprasadraturi
    Edited for fitting in mirakee