• kavish_kumar 18w

    रास्ते फैले हैं दूर तक,पर कोई अब दर नहीं है..

    सारे किराये के मकान है, यहां कोई स्थिर घर नहीं है..

    ये तो तुम जानते हो कि,मैं तुमको कितना जानता हूं..

    ये गलतफहमी है तुम्हारी, कि मुझे तुम्हारी खबर नहीं है..

    ©Aatish