• theunsungscribbler 5w

    विस्मयी लम्हें

    जब उसने हिम्मत जुटा के , डरते हुए कहा कि तुम बहुत अच्छी लगती हो ,वो शर्मा के गाड़ी की खिड़की से बाहर देखने लगी।
    उसकी एक हंसी ने सारा डर छूमंतर कर दिया।
    दोनो भले ही अंतर्मुखी हो लेकिन उनके जज़्बात बेशक बहुर्मुखी हैं।
    ©theunsungscribbler