• chahton_ka_prinda_sanjay 15w

    #जिंदगी

    जो आज खोया है, वो कब मेरा था
    जो मैंने पाया है, वो कब खोया था
    बस यही दो चीजे जिंदगी में होती है
    हसने वाला भी एक रोज रोया था

    रह जाते है तन्हा, खुशियां कितनी हो
    दो गज जमीं के लिए जमीर बिकते है
    इंसानो से इंसान ही फासले बनाते है
    खून के भी रिश्ते नहीं यहाँ टिकते है

    एक दिखावा जाति, दूसरा नस्ल का
    लोग यहाँ नौटंकी सरेआम करते है
    रंगमंच जिंदगी का यूं रास आता है
    याद इंसान मर जाने के बाद आता है

    हो ना हो एक दिन जरूर हो जाता है
    बरसो का बिछड़ा भी मिल पाता है
    ये जिंदगी का अंदाज़ भी निराला है
    एक पहलू में अँधेरा एक में उजाला है

    © चाहतो का परिंदा----संजय