• reshu_ 5w

    ज़ुल्फ़ संवार देंगी मेरी उँगलियाँ तुम्हारी कत्थई कंघी से बेहतर,
    आइना भूल जाओगी, मेरे सीने पर टिक कुछ देर चाँद तो देखो...
    दूर हो जाएगा, अकेलापन तुम्हारा,
    कुछ पल साथ बिताकर तो देखो,
    जियो कुछ, हसीन लम्हे,
    उन लम्हों में खुद को पाकर तो देखो,
    जो खो गया था वजूद, तुम्हारा,
    उसे आज फिर से बना कर तो देखो,
    ज़ुल्फ़ संवार देंगी मेरी उँगलियाँ तुम्हारी कत्थई कंघी से बेहतर,
    आइना भूल जाओगी, मेरे सीने पर टिक कुछ देर चाँद तो देखो...
    चांदनी रात में , कुछ गुनगुना कर तो देखो,
    वो सुरीली आवाज़ में, गा कर तो देखो,