• kavish_kumar 10w

    वो ख्वाहिश ही थी तुम्हारी, अब कोई उससे ख्वाहिश ना करना..
    ये रिश्ता है बस समझने का, इश्क़ की नुमाइश ना करना.
    हर बार जब मिलते हैं कतरा कतरा खुश हो जाता है..
    खुद में मुझ में खुश रहो,यूं ही बेवजह फरमाइश ना करना..
    ©Aatish ��