• writershikhakashyap 13w

    बेबस होकर ही सही पर आज बहुत ये रोई ये आँखें।
    टूट कर ही सही पर आज बहुत रोई ये आँखें।
    खो कर न सही पर उन्हें पा कर आज बहुत रोई ये आँखें।
    दुख मे न सही पर हर खुशी मे आज बहुत रोई ये आँखें।
    दर्द बता कर न सही पर उस दर्द को छुपा कर आज बहुत रोई ये आँखें।
    अकेले न सही आज सबके सामने रोई ये आँखें।

    ©shikhakashyap