• bantu95 6w

    शायद....

    शायद अब तुम नफरत करने लगी हो उससे लेकिन तुम नही जानती वो अब भी तुम्हें सोचता हैं जब भी कभी खालीपन महसूस करता है तो गुजरे लम्हात की सैर पर निकल जाता है ,

    उन्हीं एहसासों को कुरदेता है बैठकर तन्हाईयों मैं और आंखों मैं पानी छलक जाता है कैसा पागल है वो लड़का है जो तुम जेसी बेशुमार प्यार करने वाली बेंईत्हाँ चाहने वाली और बेहद फिक्र करने वाली लड़की से मूंह मोड़ गया ,नसीब का मारा है बेचारा वो तुम्हें चाह तो सकता है लेकिन तुम्हें पा नही सकता वक्त ने ऐसे मोड़ पर लाकर मिलाया जब ये वक्त बहुत आगे निकल चुका था !

    शायद उसे तुम्हारे भविष्य मैं होने वाली उथल पुथल का डर था सोचो उसकी कुछ तो मजबूरी रही होगी वो ऐसे तो नही जा सकता था तुम्हें छोड़ कर हाँ वो आज भी तुम्हें सोचता है तुम्हारी बातों को याद करके मुस्कराने लगता है तो कभी रो पड़ता है पागल जो ठहरा!

    वो आज भी तुम्हें पढ़ता है जहाँ जहाँ तुम्हारी मौजदूगी है वो वहाँ वहाँ भटकता रहता है ऐसा कोई दिन नही जाता जब वो तुम्हें न ढुंढता हो लेकिन बदनसीबी तो देखो उसकी तुम्हें वो कुछ कह नही सकता शायद की जिस वजह के चलते वो तुम्सें दूर हुआ है वो दोबारा फिर से दोहराने की उसमें हिम्मत नही हो !

    वो भी तुम्हें लेकर यही सोचता है शायद अब भी तुम उसे यहाँ वहाँ ढुँढती होगी तलाशती होगी बस वो तुम्से यही उम्मीद रखता है की शायद तुम उसे समझ गयी होगी हो सकता है तुम्हें उससे नफरत हो गयी होगी शायद तुम उसे फरेबी समझ बैठी होगी लेकिन कभी कभी तुम्हें भी उसके एहसास झिंझोड़ते तो होगें कभी न कभी तुम्हारे दिलोजहन मैं उसकी बातें आती तो होगी उसके ख्याल तुम्हारे मन मैं भी कहीं न कहीं अब भी आते तो होगें!

    शायद तुम्हें मिल भी गया होगा कोई दिल बहलाने के लिए लेकिन तुम भी कभी उन लम्हों की सैर तो करती होगी ,इस मतलबी जहान मैं वो सबसे अलग सा जो तुम्हें मिला था जो फक्त तुम्हारी रूह से ताल्लुक रखता है उसके लिए कभी न कभी तुम्हारा दिल भी मचलता तो जरूर होगा !!