• nittuu 5w

    बातें

    किसी की बातें इन चांदनी रातों में समाई थी
    वो जो आज मुझसे मिलने आई थी
    अपनी होठों पर मुस्कान दिल मैं बेचैनी सजाई थी
    उस शाम अपनी सारी दिल की बात उसे बताई थी
    तब उसकी आंखें भर आईं थी
    संभाल कर मेरे दिल ne सारी बातें घुमाई थी
    उसके आंसू ने फिर बिखरे दिल को तोड़ा था
    इसीलिए जमाने से मैने मुँह को मोड़ा था
    आज भी हथेली खाली थी मेरी
    क्योकि कोशिस करने के बाद भी
    उसकी मुस्कान नही आई थी
    में तो जलया गया इन चिरागों में रोशनी के लिए
    फिर भी उसके दिल मे परछाईया ही क्यों छाई थी
    उसका दिल संभाल रखे ह मेने
    न जाने वो बिना दिल के कैसे रह पाएगी
    जमाना चाहे कुछ भी कहे
    उसकी रूह मेरी में आज भी समाई ह
    ©nittuu