• manju_yadav_5 14w

    इंसां सो गया

    आज जमाने को जाने ये,क्या हो गया,
    यहाँ शैतान जागा, और इंसां सो गया।
    तूने दो पल को मुझसे,की जो वफ़ा,
    तू मेरा है मुझको,ये गुमां हो गया।
    अपने गरीचे में था,तो मैं आबाद था,
    तेरे महलों में आकर,फ़नां हो गया।
    किसी ने खोली जुबां, जो सच के लिए,
    वो हमेशा को फिर,बेजुबां हो गया।
    आज जमाने को....................

    मौलिक मंजु यादव "ग्रामीण"
    ©manju_yadav_5