• kavish_kumar 1w

    हमारे दिल में हमेशा, तुम्हारा स्वागत है..
    तुम्हारे लिए तो मुझे, हमेशा फराग़त़ है..
    तू मुशफ़िक़ है, सब कुछ मौक़ूफ़ तुम पर..
    बिखरी इश्क़ की ओस, मौजूद तुम पर..
    उन्स है बहुत गहरा, मेरा तुम से..
    चमन है दिल का सहरा, मेरा तुम से..
    तुम निकलो कभी, तुम्हे टोक दूं मैं..
    पर भर के लिए ही, तुम्हे रोक लूं मैं..
    मधुर तुम्हारे लफ्जों से, खिला हुआ गुलजार है..
    खामोशी में हो या हो छनाका, फिर भी तुमसे प्यार है..
    ©Aatish ��