• aaditya_mishra 15w

    कल्पना..

    चलो इक ग़ज़ल लिखते हैं
    कुछ वफाई लिखते हैं
    कुछ बेवफाई लिखते हैं
    चलो आज इक ग़ज़ल लिखते हैं

    कभी ग़म की इन्तहा लिखते हैं
    कभी जिंदगी की दुआ लिखते हैं
    चलो आज इक ग़ज़ल लिखते हैं

    कभी सर्द शामों की रवानी लिखते हैं
    कभी मयखानों की कहानी लिखते हैं
    चलो आज इक ग़ज़ल लिखते हैं

    कभी आहों की जुबानी लिखते हैं
    कभी अश्कों को पानी लिखते हैं
    चलो आज इक ग़ज़ल लिखते हैं...!

    आदित्य
    ©aaditya_mishra