• youaremyheart 23w

    गैरों की हम क्या बात करें ,
    यहाँ तो अपनों ने ही खंजर छुपा रखा है |

    जिसे कहते "अपना'' नहीं थकते थे हम कभी,
    अाज वो भी पराया - सा लगता है |

    रख कर रोयेंगे सर अब अपना किसके कंधे पर,
    अब वो कंधा भी ना रहा "सहारा" एेसा लगता है |

    "समीक्षा" तू ना तलाश कर किसी और की,
    अब तो हर शख़्स में पुराना वही शख़्स छुपा-सा लगता है |

    ©youaremyheart