• _kunalsaraswat 14w

    ख़्वाब..

    कुछ ख़्वाब अनसुने है
    कुछ तो अभी अभी बुने है
    कुछ हक़ीक़त की तलाश में हैं
    कुछ मुक्कमल होने की आस में हैं।


    ©_kunalsaraswat