• parthj 23w

    कविताएँ

    मेरी लिखी कविताएँ
    उतरती हैं कागज़ पर लिखे अक्षरों से
    और समुद्र बन जाती हैं,
    कागज़, जिन पर वो कविताएँ लिखी हैं,
    नाव बन जाते हैं,
    मैं एक अनजान टापू की तलाश में
    स्याह सागर में
    कोई सवेरा ढूँढता हूँ
    अनगिनत नाव खेता हुआ..
    ©parthj