• abhisri 14w



    मैने सब कुछ छोड़ दिया था तेरी खातिर।
    नहीं पता था एक दिन तुझको भी खो दूँगी तेरी ही खातिर।।

    कदर तूने की नही मेरी इतने सालों।
    देख डाला था मैने तेरे साथ सपने हज़ारों।।

    बिखर गया सब कुछ अचानक एक पल में।
    पता नहीं कैसे जीयुंगी आने वाले कल में।।

    टूट गया सब कुछ जो कल तक था जुड़ा।
    एक काला सा सच सामने हो गया है खड़ा।।

    तेरा वो चेहरा बार-बार आ रहा है सामने।
    इस बार हंसाने के लिये नहीं, सिर्फ रुलाने।।

    दिल से तुझे माना था।
    पर तुझे तो दूर जाना था।।


    नहीं हैं अब हम साथ।
    नहीं है अब तेरे हाथ में मेरा हाथ।।
    ©abhisri