• jayraj_singh_jhala 15w

    खैरख्वाह = ख़ैर या सलामती चाहने वाला
    ख़्वास्तगार = इच्छुक ,प्रार्थी
    नमकख़्वार = किसी के द्वारा पालित होने वाला (नौकर; मुलाज़िम)
    खूंख्वार = हिंसक , दुष्ट
    चारागर = वैद्य,डॉक्टर
    तख़सीर = विजय,जीत
    क़ाज़ी = judge
    जाहिल = मूर्ख
    शागिर्द = शिष्य
    उस्ताद = गुरु , शिक्षक
    साहूकार = व्यापारी #jhala

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    ख़ैरख़्वाह ख़ुद ख़ैरियत का ख़्वास्तगार बना हुआ है
    नमकख़्वार बाहर वफ़ादार अंदर ख़ूँख़्वार बना हुआ है

    यहाँ लिबास को देखा जाता है , अंदर कोई देखता नही वो खलनायक है सिर्फ नायक का किरदार बना हुआ है

    जब कोई मर्ज़ ना था , हर मर्ज़ की दवा थी उसके पास
    जब मर्ज़ हुआ तो चारागर ही बीमार बना हुआ है

    क़ाबिल देखता रह गया नाक़ाबिल तख़सीर पा गया
    क़ाज़ी को भी रश्क़ है जाहिल का तरफदार बना हुआ है

    शागिर्द ही उस्ताद को शागिर्दों में बदनाम कर रहा है
    उस्तादी में माहिर क्या हुआ , गद्दार बना हुआ है

    "झाला" ख़ैरातख़ाना खोल कर बैठा था गरीबों के लिए
    जब ख़ुद गरीब हुआ तो हर गरीब साहूकार बना हुआ है
    ©jayraj_singh_jhala