• tushar_theone 12w

    इक कमी

    इक कमी इस लम्हे में बाकी सी है ,
    तेरी य़ादों के बिना ज़िन्दगी आधी सी है !
    वक्त जो बिताया था तेरे साथ , गुम हो गया कहीं ,
    तुझे देखे बिना यह रातें आधी सी हैं !!
    तेरे होने ना होने का फर्क बहुत है ,
    आज तेरे से जुदा होने का गम बहुत हे !
    वो मंजर भूलाना भी आसान नहीं दोस्तो ,
    जब देखा था उसे पहली दफा !
    वो आँखो का काजल और उसकी हसीं
    यही सब तो उसमे खास है !!
    कम हुआ फासला तो लगा जैसे वो कहीं आस पास है ,
    मुझे आज भी उसका एहसास हे !
    बायां ना कर सका यह हाल-ए-दिल कभी ,
    लेकिन मौसम के तरानो ने दे दी थी खबर उसे भी !
    मैं चाह के भी कभी बता ना पाया ,
    यही कसक दिल मे बाकी सी हे !!
    बस यही कमी इस लम्हे मे बाकी सी हे ,
    की यह काहानी रही हमेशा आधी सी है !!
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