• satish94 5w

    #क्या_राखु_टाइटल_मगर

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    शाम का वक़्त तेरे कांधे पर सर,
    पुकार लो मिलना चाहो अगर,
    कितनी बंदिश लगाऊँ दिल पर।।
    ना मिसरों का ना शेर का,
    किसी का नहीं तुम पर असर,
    कह दो क्या रह गई कसर।।
    पहले की तरह आज फिर सवर
    पुकार लो मिलना चाहो अगर।।
    ©satish94