• _harsh_jain_ 5w

    Kya gunahgar srf woh hai jisne ye kiya?ya hum sab jo kisi k liye awaz toh lagate hai ...lkin khi na khi kisi ki maa kisi ki bhen k sath hum bhi galat krte ...kisi ladki ko gali dena ..uske baare mai buri baatein ...it all come under the definition of "RAPE"..but our highly educated people thinks getting physical is what rape is all about....ther's no point in shouting for protest .....all we have to do is just change ourself and thats all.....dont forget these crimes are also done by the people who are among us.....the lust within us is the reason that trigger rape ....."she is wearing a short dress" and thats why u raped her ...is chutiya reason i ever heard ...the fault is in our brain nt in their clothing .....all we need a servicing of our brain....and lets make ASIFA the last case we ever encounter.
    #RIP ASIFA
    @aatman_jain @hindiwriters @aditi_ashi @naman_khandelwal @soulwritter @writer_anjaan7 @hindikavyasangam @baanee @anjana

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    मैने चीखा था

    मैने चीखा था,
    मैने चिल्लाया था,
    लेकीन किसी ने न सुना था,
    और आज जब बन्द हो गई मेरी अवाज ,
    तो मेरे इन्साफ के लिए सब लगा रहे पुकार,
    क्या मिलेगा मेरी फोटो को नैट पर डालने से,
    मिट गया सब कुछ मेरा , मेरा संसार,
    कहा था ये गुस्सा जब थी मै जिंदा,
    खुश थी,खेल रही थी,
    देख रही थी सपने नदिया पार,
    अरे-अरे,
    भूले तो नही न,मै पहली नही हू,
    मेरे से भी पहले उजड़ा कई का संसार।

    बन्द करो ये धोगं और ये प्रचार,
    आज लगा रहे मेरे लिए पुकार,
    और कल किसी की बेटी का करोगे यही हाल।

    मुझे इन्साफ देना है तुम्हे,
    तो जान लो मेरी बात,
    है हिम्मत तो मान लेना,और मत करना इन्कार,
    मेरे अपराधी तुम सब हो न की केवल चार,
    लगा देते ये गुहार,
    दिखाया होता अपना गुस्सा बार-बार,
    बनाया होता एक कानून करार,
    चिल्लाया होता पहले ...हा पहले,
    कम से कम एक बार,
    होती मै आज जिन्दा,
    और हस्ता होता मेरा परिवार।

    - असिफा