• protector 12w

    #निर्मोही लेखक #शब्दकोश की खोज

    Read More

    "ख्वाब"

    फ़रोज़ाँ सी वो एक रात में
    रफ्ता रफ्ता बढ़ रही थी वो हमारे पास में
    दस्तूर के मुताबिक बढे हम उन्हें गले से लगाने
    भुल के मसाफ़त के वो सभी बहाने

    मिस्मार से इस शरीर में फिर जान आ गयी
    मुक्तसर ही सही होठों पे मुस्कान आ गयी
    बयाबाँ में बीते थे जो लम्हे हमारे
    दीदार से उनके फिर एक बार वो याद आ गए

    लर्ज़िश सी चाल
    घबराए हुए सभी खयाल
    इज़्तिराब की सारी हदें पार हो गई
    जब वो आके हमारे पास खड़ी हो गई

    फिर अचानक से एक खटक ने दरवाज़े पे
    बेदार होने पे हमें मजबूर कर दिया
    खूबसूरत सा जो देख रहे थे सपना
    एक पल में ही उसे चुर कर दिया।
    ©protector