• bepanaah_raaj 6w

    मिराकी पर शब्दों के माध्यम से भावों की अभिव्यक्ति करते-करते मुझे मिले चंद नायाब कलमकार।❤

    इनमें से किसी से भी व्यक्तिगत न मिलकर भी इनकी रचनाओं के माध्यम से मिली मैं जैसे, साकार।।❤

    सत्य है लगता मुझको कि मेरे भाव सम्प्रेषित होकर इनके भावों से जुड़कर मिल आते हैं हर रोज।।।❤

    और जो मैं अकेली आयी थी यहाँ, अब नहीं, मुझे मिला है मिराकी पर इतने प्यारे दोस्तों का उपहार।।।।❤...✍-राजकुमारी

    (हमारा साथ यूँ ही बना रहे, हम सबकी दोस्ती और घनी हो,,हम सब मिलेगे भी कभी न कभी����

    इसके लिए शुक्रिया.. मिराकी और ढ़ेर सारा स्नेह मिराकी परिवार��❤
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    @hindii सर्वप्रथम आपका अत्यंत आभार �� इतना अच्छा अवसर उपलब्ध कराने के लिए। क्षमा करें, मेरे परममित्रों की संख्या(बहुत प्रयास करने पर भी) पाँच से अधिक है, किन्तु मेरे लिए ये अत्यावश्यक था।।......आपको बता दूँ यहाँ मूल मित्रता रचनाकार की रचना है...इसलिए मैंने मित्रता पढ़ी पहले, की बाद में।अब दोस्ती की है, निभानी तो पड़ेगी�� इसलिए इन सभी प्रिय मित्रों का नाम लेना ही था।।मेरे अनुसार मेरे उल्लिखित मित्रों के मुख्य गुण-भाव- विचार ये हैं������

    #hind_dosti
    @shriradhey_apt,@feelingsbywords,@pranalii,@kmeenutosh,@vikram_sharma,@smriti_mukht_iiha,@mohini_uvaach,@almitraa,@adi_inscriptions

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    सर्वप्रिय-मित्र

    *पूनम* वात्सल्य-प्रेरणा-संस्कार|
    *निधि* स्थूल- सूक्ष्म- विचार|
    *जिगना* प्रेम, करुणा-अपार|
    *मीनू* ध्येयनिष्ठ कलमकार|

    *विक्रम* प्रोत्साहक, सूक्ष्म-सटीक-सर्वश्रेष्ठ व्यंग्यकार|

    *स्मृति* बुद्धि-भाव-कला-समन्वयकार|
    *मोहिनी* बिंदास-गूढ़-सृजनकार|
    *श्रुति* अद्भुत-गहन-विचार'|
    *आदित्य* अकाट्य-फ़नकार|


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