• kavii_jeet 16w

    ख्वाहिश

    हैं कई कलम यहां पे, ये मेरी कलम की आजमाइश है।
    जिस्मों के इस दौर में, लफ्जों से मेरी रूह छूने की ख्वाहिश है।
    ©kavii_jeet