• arunbhardwaj 12w

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    "स्नेहिल धड़कन (no cp, wahh:)5" 😜

    आंचल काजल स्नेहिल धड़कन
    काला टीका सोणी करधन
    वो जूठा खाना सच का बचपन
    उस प्यारी थपकी को तरसे मन
    उस प्यारी थपकी को तरसे मन

    ठंडक से पहले स्वेटर बुन
    हर बारिश में तू आंचल बन
    तपते दिन में बादल बन
    माँ ! सब हारी तू जीत मेरा मन
    माँ ! सब हारी तू जीत मेरा मन

    घी के लड्डू पीला उबटन
    वो त्योहारों का अपनापन
    लल्ला कपड़े तू नये पहना आ
    फिर टीकूं मैं रोली चंदन
    फिर टीकूं मैं रोली चंदन

    मेरी आंखें तेरे जैसी हैं
    तेरे काजल के बिन सूनी हैं
    यूं लाख अमीरी खाने में है
    पर तरसे सूखी रोटी को मन
    पर तरसे सूखी रोटी को मन

    अतिरेक ! खुदा क्यूँ खोज रहा तू ?
    मां की ममता से बिछड़ रहा क्यूं ?
    इक भूली बिसरी दुआ लगे जो
    तू बने शहंशाह जीते हर मन
    तू बने शहंशाह जीते हर मन

    Arun Bhardwaj (Atirek)

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    स्नेहिल धड़कन

    आंचल काजल स्नेहिल धड़कन
    काला टीका सोणी करधन
    वो जूठा खाना सच का बचपन
    उस प्यारी थपकी को तरसे मन
    ठंडक से पहले स्वेटर बुन
    हर बारिश में तू आंचल बन
    तपते दिन में बादल बन
    माँ ! सब हारी तू जीत मेरा मन
    घी के लड्डू पीला उबटन
    वो त्योहारों का अपनापन
    लल्ला कपड़े तू नये पहना आ
    फिर टीकूं मैं रोली चंदन
    मेरी आंखें तेरे जैसी हैं
    तेरे काजल के बिन सूनी हैं
    यूं लाख अमीरी खाने में है
    पर तरसे सूखी रोटी को मन