• b2rav_souvenir 1w

    चाहत है ऐक पंछी कि, वो अपना कारवाँ अब खुद तय करे। वो हवाएं जो अक्सर उसे रास्ते बदलने पर मजबूर करती हैं, आज और अभी से उनसे डट के लड़े।मंजिले मिलेंगी या नहीं इसका डर नहीं है उसे, बस ख्वाइस यही है कि वो अपनी कहनी खुद लिख सके।
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