• shaera_nadiya 5w

    हिंदुस्तान पाकिस्तान बटवारा

    1947 के दंगों में न हिन्दू गया न मुसलमान गया
    जाने वालों में तो बस ज़ात-ऐ-इंसान गया...
    मक्च था जो क़त्ल-ऐ-आम सड़कों पे
    किसी का वजीफा गया , किसी का मकान गया ...
    वो जिनपे बीती है उनसे पूछो ,
    एक छोटी लम्हा भी आँखों से नही गया ...
    गुमान हुआ चाँद बाशिंदों को ये ,
    कुछ-ऐ-वतन के काफिरों का कारवां गया
    हासिल ले हासिल में अब बस लड़ते रहे दोनो पक्ष ,
    एक टुकड़ा हिंदुस्तान गया , एक टुकड़ा पाकिस्तान गया ।
    ©shaera