• bholenath 14w

    Women suffering

    आज जैसे ही मैंने कलम को छुआ वो सिसक कर रो पड़ी .मैने पूछा क्या हुआ , वो रूहासी सी हो कर बोली नारी हुँ साहब किसी मर्द के अहसास से रूह कांप उठती है....