• vijaymamadapur 6w

    क्या दौर था जब हम सारे जोश में थे
    क्या दौर था जब हम सारे होश में थे
    कोई अम्बरनाथ से कोई कलवा से
    तो कोई गिरगाँव से एक डिब्बेमे
    मिलते थे सारे याद आते यह वोह प्यारे दिन
    9.45 की विरार लोकल ना भरी थी ना भारी थी
    अपनी शबनम बैग लेके डिब्बा उसमें भरके
    दौर थामौज मस्ती राम आता शाम आता
    बांद्रा की वोह tandri कब निकल जाती
    पता नहीं चलतl गपशप सारी मस्ती वोह जोश
    वोह याद आ गया आज
    अंधेरी में उतरते सारे
    वोह याद आज भी ताज़ी है
    अरसा का वोह vada साम्भर
    प्रकाश का वोह wada पाव
    तीखी सारी याद आज ताज़ा हो गई
    एक अनोखा रिश्ता बंधन प्यार का
    अंधेरी नगरी का फिर याद आया
    आज उस नगरी में एक ब्रिज का गिरना
    दुःख कर गया इस भयंकर बारिश में
    ना कोई हताहत हुई पर पूरा दिन बर्बाद हो गया
    ना कोई ब्रिज बंध हो अब सुरक्षा के कारण
    सुख भला ना मिले दुःख की हमें चिंता नहीं
    मुंबई की इस आम आदमी को सुरक्षित रखना
    हे मुम्बादेवी
    सिद्ध करदो हे विनायक भक्ति हमारी
    भक्ति हमारी प्यारी तूजपर
    बचlलो अब बचlलो अब