• oshean 25w

    ए खुशी आखिर तूं है कहा
    क्या अब अब तक ना मिला, तुझे मेरा आशियां ।

    अरे वो मिलेगा तुम्हे जहा है रिश्तो का इक चौराहा,
    दिल की तरह ,उल्टे हाथ वहा से मुड़ जाना फिर ।।

    बस दो क़दम पर तुम चले आना
    जहा कभी होता था ज़ज़्बातो का ठिकाना। ।

    उसके बाजू मे दिखेगा तुम्हे खँडहर सा
    वो उजड़ा घर
    जिसके टूटे दरवाजे पर लगी है अब भी
    धूल सनी उसकी तख्ती

    आकर ना खड़काना तुम उसकी कुण्डी
    वो छूने से भी तेरे, ढह जायेगा ।।

    तुझसे मेरी इल्तेज़ा बस इतनी सी है
    मेरी खुशियों का डिब्बा प्यार से
    मेरे प्यार के घर पहुचा देना
    जिसका पता अब ना रहा है
    मेरा ये आशियाना । ।

    ए खुशी आखिर तूं है कहा.....

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    ए खुशी

    ए खुशी आखिर तूं है कहा
    क्या अब अब तक ना मिला, तुझे मेरा आशियां ।
    ©oshean