• nameisr 5w

    शीशे के सामने

    क्यों रूठ के बैठे हो हमसे इस क़दर
    प्यार तो तुम्हें भी होने लगा है अंदर-अंदर से
    अग़र नही यकीन तो जाओ शीशे के सामने
    और पूछो अपने दिल से....
    देखना तुम्हारा दिल भी यही कहेगा कि

    ....वैसे इतना बुरा तो नहीं है .......