• 1atul1 23w

    लिखने वाले ---

    ये लिखने वाले भी कमाल के होते हैं |

    अपना दर्द छिपा कोने में ,
    किसके दर्द पर रोते हैं |
    अपनी खुशी बाँध मुख में ,
    किसकी खुशियों पर हँसते हैं ||

    अपने साथ जो हुआ गलत ,
    उसका रोष नहीं है क्यों |
    किसकी आँखों का रुदन सुन ,
    शाह से भिड़ बैठे हो यों ||

    न जाने कितनी बार ,
    ये खुद को भूल के खुश होते है |

    ये लिखने वाले भी कमाल के होते हैं ||

    ©1atul1