• aparna_shambhawi 5w

    हे करुणानिधि प्रेम पियारे,
    काहे तोरे अँगना अँधियारे,
    श्यामल कारी कारी कमली
    देखी ना लुभाओ कारे..

    साँझ भी डूबी रतिया भी भिगोई,
    गिन गिन तुमका सारी रैन डुबोई,
    सुनो काहे ना सुनते ये अरज मेरे,
    बोलो आए पिया जी क्यों ना मेरे द्वारे..

    ढूँढे पिया जी तोरी बाँवरी सजनिया,
    सावन भादौ बीती सूखी अँगनिया,
    सागर कल कल बहे बहे भूली रतिया,
    काहे अब ना बनाते वही प्यारी बतिया..

    अँखियाँ के आँसु ले के हार बनाऊँ,
    बिन बिन तुमरे डारी पात गिनाऊँ,
    तारे कहे मुझे अब ना तु गिन पगली
    आओ पिया जी हार तुम्हें ही पहिनाऊँ..

    सोलह हजारों लिए जो तू घूमता रे,
    एक मुझे ही नहीं क्यों तु सुनता रे,
    अबकी आया नही जो तो सुन प्यारे,
    कल चंदा बगल होंगे मेरे तारे..

    सुन करुणानिधि प्रेम पियारे,
    काहे तोरे अँगना अँधियारे..
    ©aparna_shambhawi_paki