• jaydaksh 5w

    पराई होकर भी अपनी सी लगती है,
    ज़िन्दगी बड़ी अनमनी सी लगती है,

    यूं तो नसीब में नहीं है मोहब्बत मेरे,
    फिर क्यूं आसमां पे जमीं सी लगती है?
    ©jaydaksh