• shabd_vish 22w

    बिछुड़कर भी महोब्बत के ज़माने याद रहते हैं,
    उझल हो जाते हैं उजाले मगर चेहरे याद रहते है।
    खुशमिज़ाज, हँसमुख, शगुफ्ता लोग भी,टूटे होते हैं अंदर से
    बहुत रोते है जिनको लतीफे याद रहते है।