• writershikhakashyap 6w

    अब भी

    सपने टूटने का डर अब भी लगता हैं।

    एक खुशी की ही चाह अब भी रहती हैं।

    खुल कर जिंदगी जीने का दिल अब भी करता हैं।

    जिदंगी को तलाशने का मन अब भी करता हैं।

    कुछ खो कर हँसना अब भी मुझे आता हैं।

    ©writershikhakashyap