• binitasingh 6w

    आज दिल थोड़े सुकून में है।
    बेशक़ तुम नहीं आये पर तम्हारे आने की उम्मीद तो है।
    माना कि बारिश नहीं हुई पर आसमान में काले बादल तो हैं।
    चकोर मिल नही सकता अपने चाँद से तो क्या,
    दिल में उससे मिलने का जुनून तो है।
    तेरा मिलना मृगतृष्णा ही सही पर इस मरुस्थल की रेत में सुकून तो है।

    ©binitasingh