• itsayushmishra 5w

    रहम कर दे

    हर रोज सोचा एक मुलाकात का,
    हर बार थोड़ा रोया तेरे से अलग होके,
    हर बार तेरा मुस्कुराता चेहरा देख आँखे नम हो जाती
    पर ना तेरा कोई इजहार,
    ना मेरे मैं कोई हिम्मत,
    पर अब कैसे कहूं कि हां है तेरे से बेशुमार मोहब्बत,
    ए खुदा बस कर अब ना ले मेरी और परीक्षा
    बस मिला दे हमे,
    पल दो पल नहीं पर हर जनम एक कर दें,
    ए खुदा अपने बन्दे पर तु इतना सा रहम कर दे।
    ©itsayushmishra