• kunal_acharya 5d

    तुम्हारे दिल मे मैं अपनी कहानी छोड़ आया हूँ,
    तुम्हारे बाल जो खोले खुले ही छोड़ आया हूँ।
    ज़रा तुम देखना मेरी निगाहों में कभी खुद को,
    तुम्हारे लब पे मेरी एक निशानी छोड़ आया हूँ।।
    ©kunal_acharya
    (11-08-17)