• divyansh_rehal 13w

    उन्होनें भी रास्ते न पूछे ,
    और हमने भी उन पर परदा डाल लिया .

    रास्ते सारे गुमनाम थे ,
    और हम थोड़े बदनाम थे .

    दूरी तय कर चूके थे ,
    पर दिल में कई दर्द छूपे थे .

    सामने आई मंजिल थी ,
    पर मन में एक बंधिश थी .

    सब कुछ साथ लाया था ,
    बस एक साथी छोड़ आया था .

    रूह में उसकी बातेंं थीं ,
    जो हमें बहुत सताती थी .

    दो दिन का उसका साथ था ,
    और जिन्दगी भर की यादें थीं....

    ©divyansh_rehal