• chahto_ka_prinda_sanjay 5w

    त्रिवेणी

    प्रत्यारोपो से पर्दा ऐ दिलशाद नहीं कोई
    पूरी तरह से कोई गुलजार होता भी कैसे

    ये पतझड़ सदावत का इशारा नहीं होता
    © चाहतो का परिंदा----संजय