• khulikitaaab 3w

    मिलो तुम कहीं इस दुनिया से परे |
    जहाँ न बंदिश हो , न ही परिंदे ||
    कुछ तुम कहना , कुछ मैं |
    बाते भी होंगी , शिकायते भी ||
    और जो अनकहा रह जाएगा |
    वो आँखें कहेंगी ||
    ©khulikitaaab