• sanjeev_mrigtrishna 16w

    @hindiwriters @manithakur

    First two lines is beautifully written by my sweet sister manisha.

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    कोई मुझे ख़ुद से जुदा करे,
    मुझे अब ख़ुदसे चुभन होती है।
    दूर सब वादे वफ़ा करे,
    मुझे इनसे भी घुटन होती है।

    ज़िंदगी कैसी है तेरी ये
    बेचैन अनजानी सी राहें।
    ख्वाइशें ख्वाबों पे बोझ हो
    तो ख़ुद की दुश्मन होती है।

    दर ओ दीवार कोसते है रह रहकर
    गूँजती खामोशियाँ ही अंजुमन होती है।
    यादों की डोलियाँ जब जहाँ लूट जाती है,
    उलझनें ही वहाँ बस सजी दुल्हन होती है।

    ©mrigyatrishna